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Agromet Advisory (Hindi)

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मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा
कृषि भौतिकी संभाग
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली – 110012       
(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website:
www.iari.res.in

साल-21, क्रमांक :- 87/2014-15/मंग.                समय:  अपराह्न  2.30 बजे                दिनांक: 27-01-2015

बीते सप्ताह का मौसम (21 जनवरी से 27 जनवरी, 2015)
             सप्ताह के दौरान आसमान में सुबह के समय कोहरा छाया रहा। 22 जनवरी को 4.0 मि.मी, 23 जनवरी को 8.0 मि.मी, 26 जनवरी को 2.8 मि.मी तथा 27 जनवरी को 0.6 मि.मी वर्षा संस्थान की वैधशाला मे दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 13.0 से 18.4  डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 20.5 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 7.5 से 10.6 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 6.6 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 92 से 98 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 58 से 88 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 0.8 घंटे  प्रति दिन (साप्ताहिक सामान्य 6.5 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 4.1 कि.मी. प्रति घंटा (साप्ताहिक  सामान्य  3.6 कि. मी. प्रति घंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर  1.4 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 2.5 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, सफदरजंग विमानपत्तन, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमी तत्व/दिनांक28-01-1529-01-1530-01-1531-01-1501-02-15
वर्षा (मि.मी.)0.00.00.00.00.0
अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}1819192021
न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}0806070809
बादलों की स्थिति (ओक्टा)00034
सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम9590909095
सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम5555454555
हवा की गति (कि.मी/घंटा)010008010008004
हवा की दिशाउत्तर-उत्तर- पश्चिमउत्तर-उत्तर- पश्चिमपश्चिम-उत्तर- पश्चिमपश्चिम-उत्तर- पश्चिमपूर्व-दक्षिण-पूर्व

 

साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 1 फरवरी, 2015 तक के लिए
कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।
1. बीते सप्ताह की वर्षा को देखते हूए किसान भाईयों को सलाह है कि वे सभी फसलों व सब्जियों में सिंचाई कुछ दिनों तक न करें, क्योंकि फसलों में अभी प्रयाप्त नमी है।
2. गेहूँ की फसल में यदि दीमक का प्रकोप दिखाई दे, तो बचाव हेतु किसान भाई क्लोरपायरीफाँस 20 ई.सी. @ 2.0 ली. प्रति एकड़ 20 कि.ग्रा. बालू में मिलाकर खेत में शाम को छिड़क दे।
3. मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान भाईयों को सलाह है कि गेहूँ में पीला रतुआ रोग की निरंतर निगरानी करते रहें। यदि रोग के लक्षण अधिक दिखाई दें तो प्रोपिकोनजोल 25 ई.सी. @ 0.1% का छिडकाव करें यह चूर्णिल आसिता तथा करनाल बंट से भी फसल को बचाता है।
4. मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान भाईयों को सलाह है कि सरसों में सफेद चुर्ण रोग तथा चेपा कीट की निरंतर निगरानी करते रहें। यदि सफेद चुर्ण रोग के लक्षण अधिक दिखाई दें तो इन्डोफिल-एम 45@ 2.0 एम.एल\लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें व चेपा कीट के अधिक पाये जाने पर रोगोर या क्यूनालफाँश 2.0 एम.एल\लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें।
5. चने की फसल में फली छेदक कीट के नियंत्रण हेतु फीरोमेन प्रपंश @ 3-4 प्रपंश प्रति एकड उन खेतों में लगाएं जहां पौधों में 10-15% फूल खिले हों। “T” अक्षर आकार के पक्षी बसेरा खेत के विभिन्न जगहों पर लगाए।
6. इस मौसम में गोभीवर्गीय फसल की निराई-गुडाई करें। हीरा पीठ इल्ली के निगरानी हेतु फिरोमोन प्रपंश @ 3-4 प्रपंश प्रति एकड खेतों में लगाएं।
7. किसान एकल कटाई हेतु पालक (ज्योति), धनिया (पंत हरितमा), मेथी (पी.ई.बी, एच एम-1) की बुवाई कर सकते हैं। पत्तों के बढ़वार के लिए 20 कि.ग्रा. यूरिया प्रति एकड की दर से छिड़काव कर सकते हैं।
8. मौसम को ध्यान में रखते हुए गाजर, मूली, चुकन्दर और शलगम की फसल की निराई-गुड़ाई करे तथा चेपा कीट की निगरानी करें।
9. मटर की फसल में फली छेदक कीट तथा टमाटर की फसल में फल छेदक कीट की निगरानी हेतु फिरोमोन प्रपंश @ 3-4 प्रपंश प्रति एकड की दर से लगाए।  यदि कीट अधिक हो तो बी.टी नियमन का छिड़काव करें।
10. इस मौसम में गेंदे में पूष्प सड़न रोग के आक्रमण की सम्भावना बढ जाती है अत: किसान भाई फसल की निगरानी करते रहें। यदि लक्षण अधिक दिखाई दें तो बाविस्टिन 1 ग्राम\लीटर अथवा इन्डोफिल-एम 45@ 2 एम.एल\लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें।
11. मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान भाईयों को सलाह है कि कद्दूवर्गीय सब्जियों की अगेती फसल तथा मिर्च, टमाटर, बेंगन की पौधशाला पालीघरों में तैयार करें।
सलाहकार समिति के वैज्ञानिक   
डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग) 
डा.रवीन्द्र सिंह (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)
डा.जे.पी.एस. ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक ,केटेट)
डा.बी.एस.तोमर (प्रधान वैज्ञानिक, बीज उत्पादन इकाई)
डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)
डा.देब कुमार दास (वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.पी.सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)