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Agromet Advisory (Hindi)

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मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा
कृषि भौतिकी संभाग
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली – 110012       
(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website:
www.iari.res.in

साल-21, क्रमांक :- 70/2014-15/शुक्र.     समय:  अपराह्न  2.30 बजे              दिनांक: 28-11-2014

बीते सप्ताह का मौसम (22 नवम्बर से 28 नवम्बर, 2014)

             सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहा। दिन का अधिकतम तापमान 25.5 से 27.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 27.8 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 6.0  से 10.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 12.3 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 79 से 91 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 32 से 53 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 6.4 घंटे  प्रति दिन (साप्ताहिक सामान्य 8.6 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 2.8 कि.मी. प्रति घंटा (साप्ताहिक  सामान्य  4.3 कि. मी. प्रति घंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर  3.6 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 5.1 मि.मी.)  प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा शांत रही तथा अपराह्न को उत्तर-पश्चिम दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, सफदरजंग विमानपत्तन, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमी तत्व/दिनांक

29-11-14

30-11-14

01-12-14

02-12-14

03-12-14

वर्षा (मि.मी.)

0.0

0.0

0.0

0.0

0.0

अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}

27

26

29

28

28

न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}

11

10

11

11

11

बादलों की स्थिति (ओक्टा)

0

0

1

3

1

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

90

90

85

90

85

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

30

30

30

35

35

हवा की गति (कि.मी/घंटा)

05

10

10

10

10

हवा की दिशा

उत्तर-उत्तर-पश्चिम

उत्तर-उत्तर-पश्चिम

उत्तर-उत्तर-पश्चिम

उत्तर-उत्तर-पश्चिम

पश्चिम-उत्तर-पश्चिम

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 03 दिसम्बर, 2014 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1.       मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान भाईयों को यह सलाह है कि वे गेंहू की बुवाई हेतू  तैयार खेतों में पलेवे के बाद यदि खेत में ओट आ गई हो तो उसमें गेहूँ की बुवाई अतिशीघ्र करें। उन्नत प्रजातियाँ- सिंचित परिस्थिति- श्रेष्ठ (एच. डी. 2687), पूसा विशेष (एच. डी. 2851),  पूसा गेहूँ -109 (एच. डी. 2894), पूसा सिंधु गंगा (एच. डी. 2967), डी. बी. डब्लू .-17। बीज की मात्रा 100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर होनी चाहिये। बुवाई से पूर्व बीजों को बाविस्टिन या थायरम @ 2-2.5 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें। नत्रजन, फास्फोरस तथा पोटाश उर्वरकों की मात्रा 120, 50 व 40 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर होनी चाहिये।

2.       जिन किसान भाईयों की गेहूँ की फसल 21-25 दिन की हो गयी हो, वे आवश्यकतानुसार पहली सिंचाई करें। सिंचाई के 3-4 दिन बाद उर्वरक की दूसरी मात्रा डालें।

3.       किसान इस मौसम में जई तथा बरसीम की बुवाई कर सकते हैं। जई की उन्नत किस्में- जे.एच.ओ.-822, ओ.एल.-9 और पूसा ओट-5 तथा बरसीम की उन्नत किस्में- वरदान, बुंदेल बरसीम-1, मसकावी, जे.बी.-3. बीज दरजई-80-100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर और बरसीम-25-30 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर।

4.       आलू के पौधों की ऊँचाई यदि 15-22 से.मी हो जाए तब उनमें मिट्टी चढ़ाने का कार्य जरूरी है अथवा बुवाई के 30-35 दिन बाद मिट्टी चढ़ाई का कार्य सम्पन्न करें।

5.       किसान भाई गाजर की नेंटीस किस्मों जैसे पूसा यमदागिनी, मूली की यूरोपियन किस्मों जैसे पूसा मृदुला, चुंकदर की किस्म क्रिमसन ग्लोब तथा शलगम की स्नोबोल किस्मों की बुवाई इस समय कर सकते हैं।

6.       तापमान को ध्यान में रखते हुए मटर की बुवाई में ओर अधिक देरी न करें अन्यथा फसल की उपज में कमी होगी तथा कीड़ों का प्रकोप अधिक हो सकता है। उन्नत किस्में – ए. पी.-1, बोनविले, लिंकन। बीजों को कवकनाशी केप्टान या थायरम @ 2.0 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से मिलाकर उपचार करें उसके बाद फसल विशेष राईजोबियम का टीका अवश्य लगायें। गुड़ को पानी में उबालकर ठंडा कर ले और राईजोबियम को बीज के साथ मिलाकर उपचारित करके सूखने के लिए किसी छायेदार स्थान में रख दें तथा अगले दिन बुवाई करें।

7.       किसान भाई इस समय सरसों साग- पूसा साग-1, मूली- जापानी व्हाईट, हिल क्वीन, पूसा मृदुला (फ्रेच मूली); पालक- आल ग्रीन,पूसा भारती; शलगम- पूसा स्वेती या स्थानीय लाल किस्म;बथुआ- पूसा बथुआ-1; मेथी-पूसा कसुरी; गांठ गोभी-व्हाईट वियना,पर्पल वियना; तथा धनिया- पंत हरितमा या संकर किस्मों की बुवाई मेड़ों (उथली क्यारियों) पर करें।

8.       वर्तमान मौसम प्याज की बुवाई के लिए अनुकूल है। बीज दर– 10 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर। बुवाई से पहले बीजों को केप्टान@ 2.5 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचार अवश्य करें।

9.       वर्तमान तापमान स्नोबोल किस्म की फूलगोभी, सलाद, बन्दगोभी और ब्रोकली की पौधशाला बनाने के लिए अनुकूल है अतः किसान भाई बीजों को उपचार करने के बाद उथली पौधशाला पर बुवाई करें। ब्रोकली की उन्नत किस्में पालम समृद्धि, पालम कचंन (सामान्य किस्में), ऐश्वर्या, पेकमेन (संकर किस्में)। यह अवश्य ध्यान रखें कि बीज विषाणु रोग रहित हो।

10.   समय पर बोई गई सरसों की फ़सल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें।

11.   इस सप्ताह किसान भाई सब्जियों की निराई-गुड़ाई करके खरपतवारों को हटांए। 15 से 25 दिन की सब्जियों में नत्रजन की बची हुई मात्रा का छिड़काव करें।

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक   
डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग) 
डा.रवीन्द्र सिंह (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)
डा.जे.पी.एस. ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक ,केटेट)
डा.बी.एस.तोमर (प्रधान वैज्ञानिक, बीज उत्पादन इकाई)
डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)
डा.देब कुमार दास (वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.पी.सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)