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Agromet Advisory (Hindi)

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मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा
कृषि भौतिकी संभाग
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली – 110012       
(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website:
www.iari.res.in

साल-21, क्रमांक :- 75/2014-15/मंग.     समय:  अपराह्न  2.30 बजे                दिनांक: 16-12-2014
बीते सप्ताह का मौसम (10 दिसम्बर से 16 दिसम्बर, 2014)
             सप्ताह के दौरान आसमान में हल्के बादल छाये रहे। 15 दिसम्बर को 26.4 मि.मी वर्षा संस्थान की वैधशाला मे दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 16.0 से 26.5 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 24.5 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 2.6 से 13.4 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 9.8 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 87 से 98 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 23 से 98 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 4.1 घंटे  प्रति दिन (साप्ताहिक सामान्य 7.7 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 4.1 कि.मी. प्रति घंटा (साप्ताहिक  सामान्य  4.8 कि. मी. प्रति घंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर  2.8 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 4.8 मि.मी.) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा अधिकतर शांत रही तथा अपराह्न को अधिकतर उत्तर-पश्चिम दिशाओं से रही।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, सफदरजंग विमानपत्तन, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमी तत्व/दिनांक17-11-1418-12-1419-12-1420-12-1421-12-14
वर्षा (मि.मी.)0.00.00.00.00.0
अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}2021222222
न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}0909090908
बादलों की स्थिति (ओक्टा)05520
सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम8580808280
सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम5040403535
हवा की गति (कि.मी/घंटा)1011081109
हवा की दिशाउत्तर-उत्तर-पश्चिमउत्तर-उत्तर-पश्चिमउत्तर-उत्तर-पश्चिमपश्चिम-उत्तर-पश्चिमपश्चिम-उत्तर-पश्चिम

 


साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 21 दिसम्बर, 2014 तक के लिए
कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1. तापमान को ध्यान में रखते हूए किसान भाईयों को सलाह है कि वे पछेती गेहूँ की बुवाई अतिशीघ्र करें। बीज दर–125 कि.ग्रा.प्रति हैक्टर। उन्नत प्रजातियाँ-पी.बी.डब्ल्यू. 373, डब्ल्यू. आर. 544, यू.पी. 2338, यू.पी. 2425, एच. डी. 3059, राज. 3765। बुवाई से पूर्व बीजों को बाविस्टिन या थायरम @ 2.0-2.5 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें। जिन खेतों में दीमक का प्रकोप हो किसान भाई क्लोरपाईरिफास (20 ईसी) @ 5.0 लीटर/हैक्टर की दर से पलेवा के साथ या सूखे खेत में छिड़क दे।
2. सापेक्षिक आर्द्रता को ध्यान में रखते हुए किसान भाईयों से सलाह है कि वे सरसों में सफेद रतुआ रोग की निरंतर निगरानी करते रहें। यदि प्रकोप अधिक दिखाई दे तो डाईथेन- एम-45 @ 2 ग्राम/लीटर या क्लोरोथालोनिल 1.0 ग्राम/लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।
3. मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान भाईयों को सलाह है कि वे सरसों में चेपा कीट की निरंतर निगरानी करते रहें।
4.इस मौसम में तैयार खेतों में प्याज की रोपाई से पहले अच्छी तरह से सडी हूई गोबर की खाद तथा पोटाश उर्वरक का प्रयोग अवश्य करें ।
5. हवा में अधिक नमी के कारण आलू की कुफरी बहार (3797) में पछेती झूलसा रोग आने की संभावना है अतः फसल की नियमित रूप से निगरानी करें तथा जिन किसान भाईयों ने बीज आलू की फसल लगा रखी है तो उसमें डाईथेन-एम-45 दवा 2.0 ग्राम/लीटर या कार्बनडिज्म 1.0 ग्राम/लीटर पानी की दर से चिपकने वाले पदार्थ को साथ (टीपाल) मिलाकर छिड़काव छिड़काव आसमान साफ होने पर इस तरह से करे की पौधा पूरा भीग जावे।
6. जिन किसान भाईयों की टमाटर, फूलगोभी, बन्दगोभी और ब्रोकली की पौधशाला तैयार है, वह मौसस को ध्यान में रखते हुये पौधों की रोपाई उथली क्यारियों पर करें।
7. गोभीवर्गीय सब्जियों में पत्ती खाने वाले कीटों की निरंतर निगरानी करते रहें यदि सख्याँ अधिक हो तो बी. टी.@ 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी या स्पेनोसेड दवा @ 1 मिली./4 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।
8. इस मौसम में किसान भाई सब्जियों की निराई-गुड़ाई करके खरपतवारों को नष्ट करें तथा उर्वरकों का बुरकाव करें।
9. इस मौसम में मिलीबग के बच्चे जमीन से निकलकर आम के तनों पर चढ़ेगें, इसको रोकने हेतु किसान भाई जमीन से 0.5 मीटर की ऊंचाई पर आम के तने के चारों तरफ 25 से 30 से.मी. चौड़ी अल्काथीन की पट्टी लपेटे। तने के आस-पास की मिट्टी की खुदाई करें जिससे उनके अंडे नष्ट हो जायेंगे।
सलाहकार समिति के वैज्ञानिक   
डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग) 
डा.रवीन्द्र सिंह (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)
डा.जे.पी.एस. ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक ,केटेट)
डा.बी.एस.तोमर (प्रधान वैज्ञानिक, बीज उत्पादन इकाई)
डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)
डा.देब कुमार दास (वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.पी.सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)