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Agromet Advisory (Hindi)

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मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा
कृषि भौतिकी संभाग
भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली – 110012       
(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website:
www.iari.res.in

साल-21, क्रमांक :- 104/2014-15/शुक्र.                समयअपराह्न  2.30 बजे                दिनांक: 27-03-2015

बीते सप्ताह का मौसम (21 से 27 मार्च, 2015)

             सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहा दिन का अधिकतम तापमान 29.0 से 35.2  डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 28.8 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 13.0 से 20.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 14.4 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 74 से 98 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 34 से 43 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 9.0 घंटे  प्रति दिन (साप्ताहिक सामान्य 7.9 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 4.8 कि.मी. प्रति घंटा (साप्ताहिक  सामान्य 5.1 कि.मी. प्रति घंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर  6.0 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 5.8 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा ज्यादातर शांत रही तथा अपराह्न को उत्तर-पश्चिम दिशा से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, सफदरजंग विमानपत्तन, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमी तत्व/दिनांक

28-03-15

29-03-15

30-03-15

31-03-15

01-04-15

वर्षा (मि.मी.)

0.0

2.0

6.0

0.0

0.0

अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}

36

36

33

32

31

न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}

21

21

21

18

19

बादलों की स्थिति (ओक्टा)

2

4

7

5

2

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

75

90

90

80

75

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

35

35

40

50

40

हवा की गति (कि.मी/घंटा)

12

10

08

12

15

हवा की दिशा

उत्तर-उत्तर- पश्चिम

उत्तर-उत्तर- पश्चिम

उत्तर-उत्तर- पश्चिम

पूर्व

पूर्व -दक्षिण-पूर्व

विशेष मौसम

29  मार्च रात्रि में तथा 30 मार्च को दिल्ली राष्टीय राजधानी के अधिकतर  क्षेत्रों में वर्षा होने की सम्भावना है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 29 मार्च, 2015 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1.      29 मार्च रात्रि में तथा 30 मार्च को दिल्ली राष्टीय राजधानी के अधिकतर क्षेत्रों में वर्षा होने की सम्भावना को ध्यान में रखते हुए पूर्ण रूप से पके तोरिया या सरसों फसल की अतिशीघ्र कटाई करें। तथा कटी हुए फसल को ढक कर रखें । 75-80 प्रतिशत फली का रंग भूरा होना ही फसल पकने के लक्षण हैं। फलियों के अधिक पकने की स्थिति में दाने झड़ने की संभावना होती है। गहाई के बाद फसल अवशेषों को नष्ट कर दें, इससे कीट की संख्या को कम करने में मदद मिलती है।

2.      गेहूँ की फसल में यदि दीमक का प्रकोप दिखाई दे, तो बचाव हेतु किसान भाई क्लोरपायरीफाँस 20 ई.सी. @ 2.0 ली. प्रति एकड़ 20 कि.ग्रा. बालू में मिलाकर खेत में शाम को छिड़क कर हल्की सिंचाई करें।

3.      मौसम को ध्यान में रखते हुए गेहूँ की फसल में काला रतुआ की निगरानी करते रहें। काला रतुआ के लिये तापमान 20° सेल्सियस ओर नमी रहित जलवायु आवश्यक है। काला रतुआ आने पर फसल में डाइथेन एम   @ 45 2.5 ग्राम./ लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।      

4.      वर्तमान तापमान मूंग और उड़द की फसल की बुवाई हेतु उपयुक्त है । अत: किसान भाई उन्नत बीजों की बुवाई शुरू करें। मूंग पूसा विशाल, पूसा 9351, एस एम एल-668; उड़द पंत उड़द 19, पंत उड़द 30, पंत उड़द 35, पी डी यू 1। बुवाई से पूर्व बीजों को फसल विशेष राईजोबीयम तथा फास्फोरस सोलूबलाईजिंग बेक्टीरिया से अवश्य उपचार करें।

5.      चने की फसल में फलियाँ बन रही है तब फली छेदक कीट के आक्रमण की निरंतर निगरानी करते रहें। चने की फसल में फली छेदक कीट की निगरानी हेतु फिरोमोन प्रपंश @ 2-3 प्रपंश प्रति एकड़ की दर से लगाएं। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड़ कीटनाशी 48.सी. @ 1 मि.ली./ 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।

6.      इस मौसम में सब्जियों में चेपा के आक्रमण की निगरानी करते रहें। वर्तमान तापमान में यह कीट जल्द ही नष्ट हो जाते हैं। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो इमिडाक्लोप्रिड़ @ 0.25 मि.ली. प्रति लीटर पानी की दर से पके फलों की तुड़ाई के बाद छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। सब्जियों की फसलों पर छिड़काव के बाद कम से कम एक सप्ताह तक तुड़ाई न करें। बीज वाली सब्जियों पर चेपा के आक्रमण पर विशेष ध्यान दें।

7.      इस मौसम में बेलवाली सब्जियों में लाल भृंग कीट के आक्रमण की संभावना रहती है, यदि कीट की संख्या अधिक हो तो ड़ाईक्लोरवाँस 76 ई.सी. (डी.डी.वी.पी.)@ 1 मि.ली./लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।

8.      बेलवाली सब्जियां जो 20 से 25 दिन की हो गई हो तो उनमें 10-15 ग्राम यूरिया प्रति पौध डालकर गुड़ाई करें।

9.      वर्तमान तापमान फ्रेंच बीन, सब्जी लोबिया, चौलई, भिंण्डी, लौकी, खीरा, तुरई आदि तथा गर्मी के मौसम वाली मूली की सीधी बुवाई हेतु अनुकूल है, क्योंकि, बीजों के अंकुरण के लिए यह तापमान उपयुक्त हैं। उन्नत किस्म के बीजों को किसी प्रमाणित स्रोत से लेकर बुवाई करें।

10.  इस मौसम में समय से बोयी गई प्याज की फसल में थ्रिप्स के आक्रमण की निरंतर निगरानी करते रहें। कीट के पाये जाने पर कार्बारिल @ 2 ग्रा. या इमिडाक्लोप्रिड़ @ 0.25 मि.ली. प्रति लीटर पानी की दर से किसी चिपचिपा पदार्थ (स्टीकाल, टीपाल आदि) के साथ मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।

11.  बैंगन तथा टमाटर की फसल को प्ररोह एवं फल छेदक कीट से बचाव हेतु ग्रसित फलों तथा प्रोरहों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें। साथ ही कीट की निगरानी हेतु फिरोमोन प्रपंश @ 2-3 प्रपंश प्रति एकड़ की दर से लगाएं। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड़ कीटनाशी 48 ई.सी. @ 1 मि.ली./4 लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।

12.  इस तापमान में मक्का चारे के लिए (प्रजातिअफरीकन टाल) तथा लोबिया की बुवाई की जा सकती है। बेबी कार्न की एच एम-4 की भी बुवाई कर सकते हैं।

 

13.  मौसम को ध्यान मे रखते हुए किसान भाईयों को सलाह है कि गेंदे की ग्रीष्मऋतु के लिये तैयार पौध की रोपाई (45x45 से.मी.) की दूरी पर करें।

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक   
डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग) 
डा.देब कुमार दास (वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)
डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)
डा.जे.पी.एस. ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक ,केटेट)
डा.बी.एस.तोमर (प्रधान वैज्ञानिक, बीज उत्पादन इकाई)
डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)
डा.पी.सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)