मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

कृषि भौतिकी संभाग

        भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012       

(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in

साल-25, क्रमांक:- 101/2018-19/शुक्र.               समय: अपराह्न  2.30 बजे        दिनांक:22-03-2019

बीते सप्ताह का मौसम (16 से 22 मार्च, 2019)

        सप्ताह के दौरान आसमान में हल्के बादल छाये रहें।दिन का अधिकतम तापमान 25.0 से 32.8 डिग्री सेल्सियस(साप्ताहिक सामान्य 28.8 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 9.8 से 14.8 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 14.4 डिग्री सेल्सियस)रहा।इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 67 से 98 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 28 से 74 प्रतिशत दर्ज की गई।सप्ताह के दौरान दिन में औसत 8.1 घंटे प्रतिदिन(साप्ताहिक सामान्य 7.9 घंटे)धूप खिली रही।हवा की औसत गति 4.0 कि.मी. प्रतिघंटा(साप्ताहिक  सामान्य 5.1 कि.मी. प्रतिघंटा)तथा वाष्पीकरण की औसत दर 3.2 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 5.8 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमीतत्व/दिनांक

23-03-19

24-03-19

25-03-19

26-03-19

27-03-19

वर्षा (मि.मी.)

0.0

0.0

 2.0

0.0

0.0

अधिकतमतापमान {°सेल्सियस}

32

 33

32

33

34

न्यूनतमतापमान {° सेल्सियस}

16

 17

   17

16

16

बादलोंकीस्थिति (ओक्टा)

2

4

5

4

.4

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

65

70

75

65

65

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

25

30

35

30

30

हवाकीगति (कि.मी/घंटा)

15

    20

   15

20

05

हवाकीदिशा

उत्तर-उत्तर

-पश्चिम

उत्तर-उत्तर

-पश्चिम

उत्तर-पश्चिम

उत्तर-उत्तर

-पश्चिम

पश्चिम-उत्तर

-पश्चिम

साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                   2.0

विशेष

 































साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह
27 मार्च,2019 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1.   बढ़ते तापमान को मध्यनजर रखते हुये गेहूँ की फसल जो दाने भरने की अवस्था में है उसमें हल्की सिंचाई करें। सिंचाई शाम के समय करें जब हवा शांत हो अन्यथा पौधे गिरने की संभावना रहती है।

2.   तोरिया, सरसों की गहाई के बाद फसल अवशेषों को नष्ट कर दें, इससे चितकबरा बग कीट की संख्या को कम करने में मदद मिलती है। भंडारण से पूर्व सरसों को अच्छी प्रकार से साफ करें और यह सुनिश्चित करें की दानों में12% से नमी कम हो   

3.   मूंग और उड़द फसलों की बुवाई करें। उन्नत किस्मे :- मूंग पूसा विशाल, पूसा 9531, पी.डी एम-11, एस एम एल-668; उड़द पंत उड़द-19, पंत उड़द-30, पंत उड़द-35, पी डी यू-1। बुवाई से पूर्व बीजों को फसल विशेष राईजोबीयम एवं फास्फोरस सोलूबलाईजिंग बेक्टीरिया से अवश्य उपचारित करें। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। 

4.   बढ़ते तापमान को मध्यनजर रखते हुये सब्जियों की फसल में हल्की सिंचाई करें।

5.   बेलवाली सब्जियां जो 20 से 25 दिन की हो गई हो तो उनमें 10-15 ग्राम यूरिया प्रति पौध डालकर गुड़ाई करें।

6.   इस सप्ताह तापमान बढ़ने की स्थिति को देखते हुए किसान भिंडी की बुवाई हेतु ए-4, परबनी क्रांति, हिसार उन्नत, पंजाब पदमनी, अर्का अनामिका आदि किस्मों की बुवाई हेतु खेतों में गोबर की सड़ी खाद डालकर तैयार खेतों में बुवाई करें। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। बीज की मात्रा 8-10 कि.ग्रा./एकड़।

7.   फ्रेंच बीन (कंटेन्डर) सब्जी लोबिया (पूसा सुकोमल) इत्यादि की सीधी बुवाई हेतु वर्तमान तापमान अनुकूल है। किसान उन्नत बीजों को किसी भी प्रमाणित स्रोत से ही प्राप्त करें। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। 

8.   मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान बैगन, मिर्च की रोपाई समतल क्यारियों पर कर सकते है तथा कद्दूवर्गीय सब्जियों की बुवाई नाली बनाकर मैडो के मध्य पर करें। रोपाई के बाद सिंचाई करें।

9.   इस मौसम में प्याज की समय से बोयी गई फसल में थ्रिप्स के आक्रमण की निरंतर निगरानी करते रहें। कीट के पाये जाने पर इमिडाक्लोप्रिड @ 0.5 मिली./ ली. पानी किसी चिपकने वाले पदार्थ जैसे टीपोल आदि (1.0 ग्रा. प्रति एक लीटर घोल) में मिलाकर छिड़काव करें।

10.  टमाटर के फलों को फल छेदक कीट से बचाव हेतु किसान खेत में पक्षी बसेरा लगाए। वे कीट से नष्ट फलों को इकट्ठा कर जमीन में दबा दें। साथ ही फल छेदक कीट की निगरानी हेतु फिरोमोन प्रपंश @ 2-3 प्रपंश प्रति एकड़ की दर से लगाएं तथा ल्योर को 15 दिनो बाद बदल देवे।

11.  बैंगन की फसल को प्ररोह एवं फल छेदक कीट से बचाव हेतु ग्रसित फलों तथा प्रोरहों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड कीटनाशी 48 ई.सी. @ 1 मि.ली./ 4 लीटर पानी की दर से छिडकाव करें।

12.  मौसम को ध्यान मे रखते हुए किसानों को सलाह है कि ग्रीष्मऋतु वाले गेंदे की तैयार पौध की रोपाई करें। रोपाई के बाद सिंचाई करें।

13.  इस तापमान में चारा फसलों ज्वार, बाजरा, मक्का लोबिया आदि की बुवाई खेतो में पलेवा करके करें। बेबी कार्न की एच एम-4 किस्म की भी बुवाई शृरू कर सकते हैं।

14.  आम के बगीचो में यदि गुच्छा रोग दिखाई दे तो पुष्प गुच्छ को काट कर नष्ट कर देवे एवं फुदका तथा मिली बग कीट की निगरानी करें।

15.  अनाज को भंडारण में रखने से पहले भंडार घर की अच्छी तरह सफाई करें तथा अनाज को अच्छी तरह से सुखा लें एवं कूड़े-कचरे को जला या दबा कर नष्ट कर दें।

  सलाहकार समिति के वैज्ञानिक  

   डा.अनन्ता वशिष्ठ(नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)

     डा.देब कुमार दास(प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास(प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)

डा.बी.एस.तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग) 

डा.पी.सिन्हा(प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग