मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

                           ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

                               कृषि भौतिकी संभाग                                    

भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012       

(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in

साल-24, क्रमांक :- 16/2017-18/शुक्र.   समय:     अपराह्न  2.30 बजे      दिनांक:26-05-2017

बीते सप्ताह का मौसम (20 से 26 मई, 2017)

                      सप्ताह के दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल रहे। 22 मई को 8.4 मि.मी वर्षा संस्थान के वैधशाला मे दर्ज की गई।दिन का अधिकतम तापमान 28.5 से 41.5 डिग्री सेल्सियस(साप्ताहिक सामान्य 39.1 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 21.5 से 27.5 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 24.7 डिग्री सेल्सियस)रहा।इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 61 से 73 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 23 से 70 प्रतिशत दर्ज की गई।सप्ताह के दौरान दिन में औसत 6.3 घंटे प्रतिदिन(साप्ताहिक सामान्य 7.7 घंटे)धूप खिली रही।हवा की औसत गति 5.3 कि.मी प्रतिघंटा(साप्ताहिक  सामान्य 6.6 कि.मी. प्रतिघंटा)तथा वाष्पीकरण की औसत दर 6.2 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 10.0 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली  से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमीतत्व/दिनांक

27-05-17

28-05-17

29-05-17

30-05-17

31-05-17

वर्षा (मि.मी.)

  1.0

4.0

6.0

   0.0

    1.0

अधिकतमतापमान {°सेल्सियस}

  40

 39

37

      39

    41

न्यूनतमतापमान {° सेल्सियस}

  30

 29

28

       28

 29

बादलोंकीस्थिति (ओक्टा)

  4

 6

6

   4

 5

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

  70

 80

85

   65

70

सापेक्षिकआर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

  30

 35

45

   30

 30

हवाकीगति (कि.मी/घंटा)

  15

 25

25

   15

20

हवाकीदिशा

पश्चिम-दक्षिण

-पश्चिम

दक्षिण

दक्षिण- दक्षिण-पूर्व

पश्चिम- उत्तर-पश्चिम

पश्चिम-दक्षिण

-पश्चिम

साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                                         12.0    

विशेष मौसम

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 27 से 29मई तक धूल भरी तेज

आँधी आने और लगभग 10-15 मि.मी.वर्षा होने की संभावना है


































साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह
31 मई, 2017 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

1. यह मौसम अगेती फूलगोभी की पौधशाला बनाने के लिए उपयुक्त है।किसान भाईयों से यह सलाह है कि वे तैयार पौधशाला को कम मोटाई वाली प्लास्टिक (20-30  माइक्रोन) से ढककर सूर्य तापीकरण करें।इस प्रक्रिया से जमीन में रहने वाले जीवाणु जो पौधे में रोग के कारण होते है वे नष्ट हो जाते  है।

2. यह समय हरी मिर्च और बैंगन की पौध बनाने के लिए उपयुक्त हैअतः किसान भाई यह प्रयास करें कि वे कीट अवरोधी नाईलोन की जाली का प्रयोग करें ताकि रोग फैलाने वाले कीट से पौधो को चा सकें।

3.    ग्वार, मक्का, बाजरा, लोबिया आदि चारा फसलों की बुवाई इस सप्ताह कर सकते हैं। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है। बीजों को 3-4 से.मी. गहराई पर डाले और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 25-30 से.मी. रखें।

4.   तैयार खेतों में कपास की बुवाई करें। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है। बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें।  उप्यूक्त किस्में:- एच -777, एच-974, एच-1098.

5.   तैयार खेतों में अरहर की बुवाई करें। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है। बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें। किसान भाईयों को यह सलाह है कि वे बीजों को बोने से पहले अरहर के लिए उपयुक्त राईजोबियम तथाफास्फोरस मेंुलनशील बेक्टीरिया से अवश्य उपचार कर लें इस उपचार से बीजो के अंुरण तथा उत्पादन में वृद्धि होती है। अरहर की उन्नत किस्में:- पूसा- 2001, पूसा-  991,पूसा- 992, पारस मानक, UPAS 120.

6.    मौसम को ध्यान में रखते हुएसभी सब्जियों तथा खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है, सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें।

7.   रबी फसल की कटाई के बाद खाली खेतो की गहरी जुताई कर जमीन को खुला छोड़ दें ताकि सूर्य की तेज धूप से गर्म होने के कारण इसमें छिपे कीडो के अण्ड़े तथा घास के बीज नष्ट हो जायेंगे।

8.   किसान भाई तैयार सब्जियों की तुड़ाई सुबह या शाम को करें तथा इसके बाद इसे छायादार स्थान में रखें।

9.  मिर्च के खेत में माईट कीट की निरंतर निगरानी करते रहें।आवश्यकतानुसार फसल में कम अंतराल में सिंचाई करें।

10.इस मौसम में बेलवाली फसलों में न्युनतम नमी बनाएं रखें अन्यथा मृदा में कम नमी होने से परागण पर असर हो सकता है जिससे फसल उत्पादन में कमी आ सकती है।

11.भिंडी की फसल में तुड़ाई के बाद युरिया @ 5-10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ की दर से डाले तथा माईट कीट की निरंतर निगरानी करते रहें। अधिक कीट पाये जाने पर ईथियाँन@1.5-2 मि.ली./लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। इस मौसम में भिंडी की फसल में हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करें।

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक    

   डा.अनन्ता वशिष्ठ(नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)

     डा.देब कुमार दास(वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास(प्रधान वैज्ञानिक,केटेट)

डा.बी.एस.तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग) 

डा.पी.सिन्हा(प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग