भा.कृ.अ.प. - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान | ICAR-Indian Agricultural Research Institute

कृषि मौसम सलाहकार

मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा
कृषि भौतिकी संभाग
भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012
(दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in


साल-32, क्रमांक:-44/2025-26/शुक्र.                                                                                                    समय: अपराह्न 2.30 बजे                                                                                          दिनांक: 29-08-2025  

बीते सप्ताह का मौसम (23 से 29 अगस्त, 2025)  

सप्ताह केदौरानआसमानमें बादल छाये रहें। 24 अगस्त को 27.6 मिमी वर्षा, 25 अगस्त को 16.9 मिमी वर्षा, 26 अगस्त, को 17.2 मिमी वर्षा तथा 28 अगस्त, को 18.0 मिमी वर्षा संस्थान की वैधशाला मे दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 28.9 से 34.3 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 33.4 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 25.0 से 27.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 25.7 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 94 से 100 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 71 से 94 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 2.3 घंटे प्रतिदिन (साप्ताहिक सामान्य 5.0 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 4.1 कि.मी प्रतिघंटा (साप्ताहिक सामान्य 4.0 कि.मी प्रतिघंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर 4.1 मि.मी (साप्ताहिक सामान्य 4.7 मि.मी) प्रतिदिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न को हवा शांत रही तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।


भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान
मौसमी तत्व/दिनांक 2025-08-302025-08-312025-09-012025-09-022025-09-03
वर्षा (मि.मी.) 10.020.018.020.012.0
अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}3333313131
न्यूनतम तापमान {°सेल्सियस}2323232322
बादलों की स्थिति (ओक्टा)77777
सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम8595959594
सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम6055606565
हवा की गति (कि.मी/घंटा)1510152010
हवा की दिशादक्षिण-दक्षिण-पूर्व दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दक्षिण-दक्षिण-पूर्व पूर्वपूर्व
साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)
80.0
विशेष मौसम
आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश/गरज के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है, तथा कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।

साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 03 सितम्बर, 2025 तक के लिए

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

  • वर्षा के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए सभी किसानों को सलाह है की किसी प्रकार का छिड़काव ना करें तथा खड़ी फसलों व सब्जी नर्सरियों में उचित प्रबंधन रखे।
  • धान की फसल इस समय मुख्यत: बाली बनने वाली स्थिति में है अत: फसल में कीटों की निगरानी करें। तना छेदक कीट की निगरानी हेतू फिरोमोन प्रपंच @ 3-4/एकड़ लगाए। यदि तना छेदक कीट का प्रकोप अधिक हो तो करटाप दवाई 4% दानें 10 किलोग्राम/एकड़ का बुरकाव करें।
  • इस समय धान की फसल को नष्ट करने वाली ब्राउन प्लांट होपर का आक्रमण आरंभ हो सकता है अतः किसान भाई खेत के अंदर जाकर पौध के निचली भाग के स्थान पर मच्छरनुमा कीट का निरीक्षण करें। यदि प्रकोप अधिक दिखाई दें तो इमिडाक्लोप्रिड दवाई 1.0 मि. ली./3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़­काव करें।
  • किसान इस समय अगेती मटर की बुवाई के लिए बीज की व्यवस्था करें (उन्नत किस्में- पूसा प्रगति, पंत मटर-3 तथा आर्किल) तथा खेतों को तैयार करें।
  • इस मौसम में किसान गाजर की बुवाई मेड़ो पर कर सकते हैं। उन्नत किस्में- पूसा रूधिरा। बीज दर 4.0 कि.ग्रा. प्रति एकड़। बुवाई से पूर्व बीज को केप्टान @ 2 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचार करें तथा खेत में देसी खाद, पोटाश और फास्फोरस उर्वरक अवश्य डालें। अंकुरण के लिए मृदा मे उचित नमी का होना आवश्यक है।
  • सब्जियों में (टमाटर, मिर्च, बैंगन फूलगोभी व पत्तागोभी) फल छेदक, शीर्ष छेदक एवं फूलगोभी व पत्तागोभी में डायमंड़ बेक मोथ की निगरानी हेतू फिरोमोन प्रपंच @ 3-4/एकड़ लगाए तथा प्रकोप अधिक दिखाई दे तो स्पेनोसेड़ दवाई 1.0 मि.ली./4 लीटर पानी में मिलाकर छिड़­काव करें।
  • किसानों को सलाह है कि इस समय सरसों साग-पूसा साग-1, मूली- समर लोंग, समर लोंग चेतकी, पूसा चेतकी; पालकआल ग्रीन, पूसा ज्योति तथा धनिया-पंत हरितमा या संकर किस्मों की बुवाई मेड़ों (उथली क्यारियों) पर करें। अच्छे अंकुरण के लिए  मृदा मे उचित नमी का होना आवश्यक है।
  • कद्दूवर्गीय सब्जियों को ऊपर चढाने की व्यवस्था करे ताकि वर्षा से सब्जियों की लताओं को गलने से बचाया जा सके।
  • भिंडी, मिर्च तथा बैंगन की फसल में माईट, जैसिड और होपर की निरंतर निगरानी करते रहें।
  • इस समय कीटों की रोकथाम के लिए प्रकाश प्रपंच का भी इस्तेमाल कर सकते है।इसके लिए एक प्लास्टिक के टब या किसी बरतन में पानी और थोडा कीटनाशी मिलाकर एक बल्ब जलाकर रात में खेत के बीच में रखे दें । प्रकाश से कीट आकर्षित होकर उसी घोल पर गिरकर मर जायेंगें। इस प्रपंच से अनेक प्रकार के हानिकारक कीटों का नाश होगा।
  • फलों (आम, नीबू तथा अमरुद) के नऐ बाग लगाने के लिए अच्छी गुणवत्ता के पौधों का प्रबन्ध करके इनकी रोपाई अतिशीघ्र करें।

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक

डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा. सुभाष नटराज (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)

डा. प्र. कृष्णन (प्राध्यापक, कृषि भौतिकी संभाग)     

डा. देब कुमार दास (प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा. बी. एस. तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा. सचिन सुरेश सुरोशे (परियोजना समन्वयक, मधुमक्खी पर अखिल भारतीय समन्वित परियोजना)

डा. दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)

डा. पी सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)

डा. ए. के. सिंह (प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)


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