मौसम आधारित कृषि परामर्श सेवाएं

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा

कृषि भौतिकी संभाग

भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्‍ली – 110012       

             (दिल्ली और इसके आस-पास के गाँवों के लिए) Website: www.iari.res.in         

साल-28, क्रमांक:-11/2021-22/शुक्र.           समय: अपराह्न  2.30 बजे            दिनांक: 07.05.2021

बीते सप्ताह का मौसम (01 से 07 मई, 2021)

    सप्ताह के दौरान आसमान साफ रहा। दिन का अधिकतम तापमान 38.2 से 41.8 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 37.4 डिग्री सेल्सियस) तथा न्यूनतम तापमान 20.5 से 27.2 डिग्री सेल्सियस (साप्ताहिक सामान्य 22.1 डिग्री सेल्सियस) रहा। इस दौरान पूर्वाह्न 7.21 को सापेक्षिक आर्द्रता 51 से 68 तथा दोपहर बाद अपराह्न 2.21 को 22 से 45 प्रतिशत दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान दिन में औसत 6.7 घंटे प्रति दिन (साप्ताहिक सामान्य 8.3 घंटे) धूप खिली रही। हवा की औसत गति 5.5 कि.मी. प्रति घंटा (साप्ताहिक सामान्य 5.5 कि.मी. प्रति घंटा) तथा वाष्पीकरण की औसत दर 9.5 मि.मी. (साप्ताहिक सामान्य 9.3 मि.मी) प्रति दिन रही। सप्ताह के दौरान पूर्वाह्न तथा अपराह्न को हवा भिन्न-भिन्न दिशाओं से रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र, लोदी रोड़, नई दिल्ली से प्राप्त मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान

मौसमी तत्व/दिनांक            

08-05-21

09-05-21

10-05-21

11-05-21

12-05-21

वर्षा (मि.मी.)

0.0

0.0

1.0

2.0

3.0

अधिकतम तापमान {°सेल्सियस}

39

40

41

41

38

न्यूनतम तापमान {° सेल्सियस}

23

24

24

25

25

बादलों की स्थिति (ओक्टा)

2

2

3

5

5

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) अधिकतम

75

75

75

80

85

सापेक्षिक आर्द्रता(प्रतिशत) न्यूनतम

30

30

30

35

40

हवा की गति (कि.मी/घंटा)

10

12

16

22

12

हवा की दिशा

उत्तर-उत्तर-पश्चिम

पश्चिम

पश्चिम

पश्चिम

पश्चिम

साप्ताहिक संचयी वर्षा (मि.मी.)

                         6.0

साप्ताहिक मौसम पर आधारित कृषि सम्बंधी सलाह 12 मई, 2021 तक के लिए कृषि परामर्श सेवाओं,

कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है।

  • कोरोना (कोविड़-19) के गंभीर फैलाव को देखते हुए किसानों को सलाह है कि तैयार फसलों की कटाई तथा अन्य कृषि कार्यों के दौरान भारत सरकार द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों, व्यक्तिगत स्वच्छता, मास्क का उपयोग, साबुन से उचित अंतराल पर हाथ धोना तथा एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाये रखने पर विशेष ध्यान दें
  • तापमान को ध्यान में रखते हुए सभी सब्जियों तथा खड़ी फसलों में आवश्कतानुसार हल्की सिंचाई करें। सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें।
  • ग्रीष्मकाल हरी खाद के लिए सनई, ढैंचा, ग्वार, लोबिया, मूंग आदि की बुवाई कर सकते हैं। सनई की बीज दर 60-70 और ढैंचा की 50-60 कि.ग्रा./हैक्टर। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है।
  • ग्वार, मक्का, बाजरा, लोबिया आदि चारा फसलों की बुवाई इस सप्ताह कर सकते है। बुवाई के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है। बीजों को 3-4 से.मी. गहराई पर डाले और पंक्ति से पंक्ति की दूरी 25-30 से.मी. रखें।
  • किसान अरहर और कपास की बुवाई के लिए खेतों को तैयार करें तथा बीज किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें।
  • तापमान अधिक रहने की संभावना को देखते हुए, किसान तैयार सब्जियों की तुड़ाई सुबह या शाम को करें तथा इसके बाद इसे छायादार स्थान में रखें।
  • इस मौसम में बेलवाली फसलों में न्युनतम नमी बनाएं रखें अन्यथा मृदा में कम नमी होने से परागण पर असर हो सकता है जिससे फसल उत्पादन में कमी आ सकती है।
  • भिंडी की फसल में तुड़ाई के बाद युरिया @ 5-10 कि.ग्रा. प्रति एकड़ की दर से डाले तथा माईट कीट की निरंतर निगरानी करते रहें। अधिक कीट पाये जाने पर ईथियाँन@1.5-2.0 मि.ली./लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। इस मौसम में भिंडी की फसल में हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करें।
  • बैंगन तथा टमाटर की फसल को प्ररोह एवं फल छेदक कीट से बचाव हेतु ग्रसित फलों तथा प्रोरहों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड़ कीटनाशी 48 ई.सी. @ 1 मि.ली./4 लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें।
  • अनाज को भंडारण में रखने से पहले भंडारघर की सफाई करें तथा अनाज को सुखा लें। दानों में नमी 12 प्रतिशत से ज्यादा नही होनी चाहिए। भंडारघर को अच्छे से साफ कर लें। छत या दीवारों पर यदि दरारें है तो इन्हे भरकर ठीक कर लें। बोरियों को 5 प्रतिशत नीम तेल के घोल से उपचारित करें। बोरियों को धूप में सुखाकर रखें। जिससे कीटों के अंडे तथा लार्वा तथा अन्य बीमारियाँ आदि नष्ट हो जावें।
  • रबी फसल की कटाई के बाद खाली खेतो की गहरी जुताई कर जमीन को खुला छोड़ दें ताकि सूर्य की तेज धूप से गर्म होने के कारण इसमें छिपे कीडो के अण्ड़े तथा घास के बीज नष्ट हो जायेंगे।
  • इस मौसम में किसान अपनी मिट्टी की जांच किसी प्रमाणित स्रोत से करवाएं और जहाँ संभव हो अपने खेत का समतलनीकरण करवाएं।

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक 

डा. अनन्ता वशिष्ठ (नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.देब कुमार दास (प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)

डा.बी.एस.तोमर (संयुक्त निदेशक प्रसार (कार्यवाहक) एवं अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)

डा.जे.पी.एस. ड़बास (प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)

डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)

डा.पी.सिन्हा (प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)

डा. सचिन सुरेश सुरोशे (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)