परिचय
आनुवंशिकी विभाग तथा बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर इस विद्यालय का गठन करते हैं। इस विद्यालय के विभागों द्वारा अनिवार्य फसलों—जिनमें अनाज, मोटे अनाज, दलहन, तिलहन, चारा एवं रेशा फसलें शामिल हैं—की बड़ी संख्या में किस्में विकसित/पहचानी गई हैं। विकसित की गई किस्मों का उनके अनुकूलन क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर परीक्षण किया जाता है और तत्पश्चात संपूर्ण कृषि तकनीकी पैकेज के साथ खेती हेतु जारी किया जाता है। विकसित किस्मों को किसानों द्वारा व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है और इनकी खेती पूरे भारत में की जा रही है। इस विद्यालय के छात्र उन्नत पादप प्रजनन एवं फसल सुधार से संबंधित आधुनिक कौशलों में भली-भांति प्रशिक्षित एवं दक्ष हैं।